Friday, January 31, 2014

क्षणिका – खून भारत का

क्षणिका – खून भारत का

काश ...
अश्रु निकलने और
मोमबत्तियां बननी
बंद हो जायें ...
तब तो
भारत का खून
जलेगा,
उबलेगा,
खौलेगा,
बहेगा ...
n  नीरज द्विवेदी Neeraj Dwivedi
n  https://www.facebook.com/LifeIsJustALife

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