Sunday, September 15, 2013

तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी Tu murali ka sangeet nahi to kya hogi?

मैं गायक, तू प्यार भरा एक गीत नहीं तो क्या होगी,
मैं बंशीधर, तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी?

तू तारापति की शुभ्र चाँदनी,
तू रश्मिरथी की एक किरन,
चंचल शोख पवन का झोंका,
तू मृगतृष्णा मैं एक हिरन,
मैं कीट पतंगों की भाषा, तू ज्योति नहीं तो क्या होगी,
मैं गायक, तू प्यार भरा एक गीत नहीं तो क्या होगी,
मैं बंशीधर, तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी?

तू शर्म हया मेरे होंठों की,
तू मीठी मीठी एक जलन,
नयनों से ही कह देती है,
चाहत का हर एक कथन,
मैं अनुरागी, तू जीवन की एक रीति नही तो क्या होगी,
मैं गायक, तू प्यार भरा एक गीत नहीं तो क्या होगी,
मैं बंशीधर, तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी?

तू नींद मेरी तू स्वप्न मेरा,
तू मेरे घावों का चन्दन,
शबनम सी एक बूँद सही,
तू प्यास मेरी मेरा जीवन,
मैं संध्या का अरुणिम सूरज, तू प्रात नहीं तो क्या होगी,
मैं गायक, तू प्यार भरा एक गीत नहीं तो क्या होगी,
मैं बंशीधर, तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी?

तू मेरी आँखों का पानी,
तू मेरे ईश्वर का वंदन,
तू जीवन की कोख रही,
नवजात प्रभू का अनुक्रंदन,
मैं जीवन की हार सही तू जीत नहीं तो क्या होगी,
मैं गायक, तू प्यार भरा एक गीत नहीं तो क्या होगी,

मैं बंशीधर, तू मुरली का संगीत नहीं तो क्या होगी?
n  नीरज द्विवेदी Neeraj Dwivedi

Wednesday, September 11, 2013

तू कुम्हार, हैं माटी हम Tu Kumhar Hain Mati Ham


माटी कहे कुम्हार से, ज्यों तू रौंदे मोय,
एक दिन ऐसा आऎगा, मैं रौंदूंगी तोय।।




Monday, September 9, 2013

UP की जलन Burning UP Mujjafarnagar Riots

जलने दो मुज्जफ़रनगर को जलने दो,
पलने दो UP में जहरीले साँप पलने दो,
रोक दोगे इन्हें तो वोटबैंक कैसे बनेगा,
मरते कटते हैं कायर मरने दो कटने दो ……

इज्जत बचाना बहन की गुनाह कर दिया,
उस भाई को सलाम खुद को फ़ना कर दिया,
सेकुलरवाद की टोपी मुबारक तुम्हे हो,
वोट क्या मिला तूने जीना तबाह कर दिया ……

टोपी लगाने से सेकुलर बनोगे नहीं तुम,
न लगाने से कम्युनल बनेंगे नहीं हम,
तुम किसे बरगलाते हो टोपी दिखाकर,
माचिस की तीली झोपड़ी में लगाकर ……

लैपटॉप बाँटना अपनी फोटू लगाकर,
बस हवा में ही विकसित UP बनाकर,
जाओ फिर से विदेशों से डिग्री ले आओ,
फिर बेंच देना यहाँ घी नमक तुम लगाकर ……

उस गुजरात में कहीं नहीं खुजली न खाज,
यहाँ घर घर जुटे हैं बम धमाको के साज,
दस साल से कहीं न कोई धमाका न दंगा,

सीख मोदी से कुछ खुल के बोलूँगा आज ……

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