Monday, September 9, 2013

UP की जलन Burning UP Mujjafarnagar Riots

जलने दो मुज्जफ़रनगर को जलने दो,
पलने दो UP में जहरीले साँप पलने दो,
रोक दोगे इन्हें तो वोटबैंक कैसे बनेगा,
मरते कटते हैं कायर मरने दो कटने दो ……

इज्जत बचाना बहन की गुनाह कर दिया,
उस भाई को सलाम खुद को फ़ना कर दिया,
सेकुलरवाद की टोपी मुबारक तुम्हे हो,
वोट क्या मिला तूने जीना तबाह कर दिया ……

टोपी लगाने से सेकुलर बनोगे नहीं तुम,
न लगाने से कम्युनल बनेंगे नहीं हम,
तुम किसे बरगलाते हो टोपी दिखाकर,
माचिस की तीली झोपड़ी में लगाकर ……

लैपटॉप बाँटना अपनी फोटू लगाकर,
बस हवा में ही विकसित UP बनाकर,
जाओ फिर से विदेशों से डिग्री ले आओ,
फिर बेंच देना यहाँ घी नमक तुम लगाकर ……

उस गुजरात में कहीं नहीं खुजली न खाज,
यहाँ घर घर जुटे हैं बम धमाको के साज,
दस साल से कहीं न कोई धमाका न दंगा,

सीख मोदी से कुछ खुल के बोलूँगा आज ……

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