Tuesday, February 19, 2013

ये ताजी जलन नहीं है Ye Taji Jalan Nahi hai


मैं  गुमसुम था  शब्दों में  आँसू में  अंगारों में,
छेड़ दिया तो टूट गए कुछ भूखे स्वप्न कतारों में,
भूखे पेटों की नज़रों से  जब जब नजर मिली है,
मैंने आशा के  सूरज देखें हैं  चन्दा में  तारों में।

समझ न आए तो तुम कोशिश मत करना,
ये शब्द नहीं हैं,
समझाने को भी मत कहना मुझसे इनमें,
मेरे अर्थ नहीं हैं,
भर लेना जो जी चाहे तुम समझो जो भी
समझ आए,
पर रखना याद कि इनमें मेरी खुदगर्जी के
सन्दर्भ नहीं है,
आग नहीं बुझने दूँगा सीने में सुलगाता
जाउँगा चिंगारी,
कमर कसो हल को हथियार बनाओ गर
तलवार नहीं है,
आंसू को अंगारे कहने की ताकत मुझमें है
पर शर्त यही है,
जब तक राख नहीं कर लेना मत बुझना
ताजी जलन नहीं है।
ये ताजी जलन नहीं है।
केवल मेरी अगन नहीं है।

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