Friday, February 22, 2013

एक बार तो जी जाने दे Ek Bar To Jee Jane De


तेरी उदास आँखें
चश्में का सहारा ले
छिपा लेतीं हैं दर्द तेरा
आँखों का किनारा ले।
टूट जा अब
बिखर जा अब
पा ले खुद को, सुधर जा अब।

पत्थर होने का
नाटक मत कर
शीशा बनकर
बिखरा मत कर
रिश्तों का बोझ
सर पर ढोकर
नदिया पार
कराया मत कर।

मर जाने दो
टूटे नातें
बह जाने दो
बोझिल बातें
टूटे स्वप्नों की सौगातें

बस कर भीतर भीतर मरना
दर्द पराया बह जाने दे
तू खुद को खुद में ही पाकर
एक बार तो जी जाने दे।