Thursday, April 26, 2012

हुस्न की तारीफ: कुछ शेर


3 comments:

  1. अलग अंदाज़ लिए है आपकी ग़ज़ल .सबसे निराले ,प्रतीक संभाले ,बीम उछाले

    कृपया यहाँ भी पधारें -

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/
    टी वी विज्ञापनों का माया जाल और पीने की ललक

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प्रशंसा नहीं आलोचना अपेक्षित है --

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