Wednesday, February 22, 2012

एक बच्चा

एक बच्चा,
अभावों में पला,
न ही माँ की ममता मिली,
और न बाप की स्नेहमयी छत,
दोनों रोटी की जुगाड़ मे व्यस्त रहे,
और एक दिन,
कमियों ने उसे उदण्ड बना दिया,
पैसे की भूख ने उसे अपराधी बना दिया।
Image from google with thanks
एक बच्चा,
नोटों के बीच पला,
न ही माँ की ममता मिली,
और न बाप की स्नेहमयी छत,
दोनों पैसे की हवस मिटाने में व्यस्त रहे,
और एक दिन,
पैसों की भरमार ने उसे उदण्ड बना दिया,
पैसों ने प्यार और इंसानियत को पैरों तले कुचल दिया,
इसी चरित्र की कमी ने उसे भी अपराधी बना दिया।

अब प्रश्न ये उठते हैं?
* पहले बच्चे की हालत का जिम्मेदार कौन?
* दूसरे बच्चे की हालत का जिम्मेदार कौन?

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