Wednesday, January 4, 2012

आम आदमी Common Man


एक वक्त, चलता हुआ,
एक रात, जगती हुई,
एक दिन सोता हुआ,
देश का भाग्य देखो,
वक्त के साथ करवटें लेता हुआ ..।
आम आदमी रोता हुआ

मिट रही है धुंध,
एक दो जागते से लोग,
नपुंसकों को सौंप सत्ता,
पूरा देश देखो बेधड़क,
न जाने कितने वक्त से सोता हुआ ..।
आम आदमी रोता हुआ

मैली कुचली हुई ओस,
मरता हुआ आँख का पानी,
देश की कायर बेशर्म जवानी,
कितनी काली रातों से
बहता देश का शोणित पानी होता हुआ ..।
आम आदमी रोता हुआ

Featured Post

मैं खता हूँ Main Khata Hun

मैं खता हूँ रात भर होता रहा हूँ   इस क्षितिज पर इक सुहागन बन धरा उतरी जो आँगन तोड़कर तारों से इस पर मैं दुआ बोता रहा हूँ ...