Wednesday, December 21, 2011

अस्तित्व

अस्तित्व क्या है?
एक जीव, एक जीवन, एक जान
क्या यही अस्तित्व है?
एक शरीर, एक भूख, एक प्यास
या मात्र एक इच्छा?
घूम गए न मेरी तरह
इस शाश्वत प्रश्न के उत्तर की अपेक्षा,
मुझ जैसे सामान्य जीव से कदापि मत करना
जीवन ये सब नहीं तो क्या है? एक आत्म शक्ति
क्या है अस्तित्व?
इसी आत्म शक्ति का मूर्तिमान होना
क्या है जीव?
इसी मूर्ति का प्रचलित नाम
अस्तित्व देखा है
जिजीविषा देखी है
भौतिक कर्ता देखा है
कर्तव्यपरायणता देखी है
शायद मैं भटक गया हूँ
बिषय से, मानव से, उसके अस्तित्व से
अस्तित्व तो हर प्राणी का होता है
तो एक मानव केवल एक मानव के अस्तित्व की ही बात क्यों करता है?
ये इसका स्वार्थ है या स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझने की गलतफहमी?

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