Saturday, August 6, 2011

ये आँसू

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लोग कहते हैं कि ये आँसू, तो बस ख़ुशी के आँसू हैं,
हमें याद नहीं शायद, हमने ही ऐसा कभी कहा तो नहीं॥

सुबह से ही, अश्क की बातें करो, तो लोग कहते हैं,
जब से उठे हो अभी तक, हाथ मुँह धोया कि नहीं॥
जो सुबह से ही चालू हो गए...

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