Sunday, July 3, 2011

ये भारत की संसद है



ये भारत की संसद है जहाँ, भारत को भेंट चढाया जाता है,
सबसे बडी बाजार है यह जहाँ, अब इन्सान को बेंचा जाता है,
और विडम्बना तो देखो साथियों, अब ये बिकने में ना डरता है,
न रोता है, ना घबराता है, बस यूँ ही शान से बिक जाता है ॥

ये भारत की संसद है जहाँ, ऐसे अशिक्षित इन्सान एकत्रित होते हैं,
देश चलाने का नाटक कर, इसी देश को गर्व से लूटा करते हैं,
पत्रकारिता भी अब अपना उद्देश्य भूल, बिक, निरुपाय पडी है,
इसके सारे कर्णधार अब, इन नेताओं के, तलवे चाटा करते हैं ॥

ये भारत की संसद है जहाँ, इसका कानून बनाया जाता है,
आतंक को संरक्षण देकर बस, असहाय को भेंट चढाया जाता है,
भारत के लोगों की, भोली बेहोशी का, जश्न मनाया जाता है,
न्याय धर्म को, नेताओं की मर्जी का, पर्याय बनाया जाता है ॥

 ये भारत की संसद है जहाँ, भारत को गर्व से बेचा जाता है ।

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