Tuesday, June 7, 2011

पैमाने मित्रता के – (Scale of Friendship)

मित्रता के भी पैमाने होतें हैं, ज्ञात हुया मुझे कुछ दिनों पहले, मेरे एक मित्र से ही । क्या हो सकते हैं मित्रता के पैमाने अनुमान लगाइए ।
हमने तो बचपन से अभी तक यही सुना था कि सच्चा मित्र वही जो बुरे समय में साथ हो, आपको समझे, सही रास्ता दिखाए, सही सलाह दे । आज शायद परिभाषाएँ बदल गयीं हैं, प्यार की तरह मित्र की भी ।
सुनकर आश्चर्य हुआ कि अब मित्रता, दो मित्रों की निकटता से नही, उनके बीच सन्तुलन से नही, इक दूसरे को समझने की क्षमता से नही, अपितु उनके इक दूसरे के साथ बिताए गये समय से मापी जाती है ।
वाह रे मित्रता की परिभाषा …
एक महिने के मित्र से अधिक अच्छा मित्र होता है तीन महिने का मित्र, और उससे भी अधिक अच्छा मित्र होता है चार साल का मित्र ।
वाह रे मित्रता का उद्धहरण …

वैसे आज के “more practical” युग मे, यह “more practical” पैमाना कैसा लगा आप लोगों को ? वैसे यह नाप बडी शुद्धता के साथ देता है । अंको में माप देता है, चाहो तो सालों मे ले लो, और चाहो तो महिनों मे, इससे भी शुद्ध माप चाहिये तो दशमलव के अंक के साथ दिन, घंटे, मिनट, और गहराई मे जाना हो तो सेकेण्ड्स भी जोड लीजिये ।

बडे फ़ायदे भी हैं इसके, कोई भी व्यक्ति अधिक मित्रता का दावा भी नही ठोंक सकता, पैमाना सबके लिये शुद्ध गणना करके जो बताता है । यह पैमाना सब को समानता की नजर से देखता है, इस तरह का अनोखा, अद्भुत, समदर्शी और शुद्ध माप देने वाला पैमाना तो राम जी के युग मे भी नही हुया होगा ।
देखा यह हमारे मित्र का कलयुगी अविष्कार ।

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